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शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011
सिर्फ कोहिनूर ही मुकुट में जड़े जाते हैं ...........
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सिन्दूर ,बिंदिया बिछुए , मंगलसूत्र कितने आवरण ओढा दिए सिर्फ एक सच को ढांपने के लिए अस्तित्व बोध ना होने देने के लिए सात भांवरों...
36 टिप्पणियां:
सोमवार, 26 दिसंबर 2011
बरस सच मे नव वर्ष बन जाये
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किसे दूँ कैसे दूँ कौन सी दूँ कामना जो शुभ हो जाए बरस सच मे नव वर्ष बन जाये यहाँ तो खाली गिलास है और दूध भी पास नही ...
12 टिप्पणियां:
शनिवार, 24 दिसंबर 2011
अनोखी यात्रा ………अनोखे पल
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चलिए मेरे साथ एक सफ़र पर अरे ये क्या ये पिलर ४२० बीच में कहाँ से आ गया कसम से टू मच हो गया ये तो उफ़ ...........ब्लोगर ...
48 टिप्पणियां:
सोमवार, 19 दिसंबर 2011
मेरी नज़र से चलिये इस सफ़र पर ……
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दोस्तों अभी अभी हमारे ब्लोगर मित्र सत्यम शिवम् ने अपना पहला काव्य संग्रह "साहित्य प्रेमी संघ " के तत्वाधान में " टू...
43 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011
‘‘पूर्ण स्वतन्त्रता प्राप्त इस तरह के माध्यमों पर क्या आंशिक और पूर्णतः प्रतिबन्ध आवश्यक है?’’ -
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ई-बरिस्ता पर वंदना गुप्ता का आलेख = "सोशल साईट पर प्रतिबन्ध नहीं, उनकी उपयोगिता समझाने की आवश्यकता है" E-BARISTAA: ई-बरिस्...
18 टिप्पणियां:
सोमवार, 12 दिसंबर 2011
कुछ चिताएं उम्रभर जलकर भी नहीं बुझतीं
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दर्द ऐसे भी कभी छीजता है ना टपकता है ना निकलता है ना ठहरता है बस अलाव सा सुलगता है देखो उम्र की चिता सुलग रही है और धुंआ ...
33 टिप्पणियां:
सोमवार, 5 दिसंबर 2011
मगर ओ पुरुष ! तू नहीं अब बच पायेगा
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दोस्तों इस रचना का जन्म मायामृग जी की फेसबुक पर लिखी चंद पंक्तियों के कारण हुआ जो इस प्रकार थीं ........... ........ उसने कहा, स्त...
41 टिप्पणियां:
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