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बुधवार, 29 अप्रैल 2015
मेरी प्यास ... मेरा वजूद
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मेरी प्यास जब भी बनी रेगिस्तान की दुल्हन ही बनी हांड़ी जिस भी चूल्हे पर चढ़ी तली टूटी ही निकली उम्मीद के...
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सोमवार, 20 अप्रैल 2015
इश्क तुम्हें हो जायेगा ......मेरी नज़र से
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प्यार इश्क मोहब्बत आदिम की मूलभूत चाहना जिसके इर्द गिर्द है संसार की संरचना .एक आदिम प्यास , एक खोज , एक घटना , एक पीड़ा , एक दर्द , एक...
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बुधवार, 8 अप्रैल 2015
कड़ी धूप के सफ़र पर मेरी नज़र :
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शिवना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित " कड़ी धूप का सफ़र " मुकेश दूबे जी द्वारा लिखित उपन्यास इस पुस्तक मेले में उन्होंने पहली बार मिलने...
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2015
ख्यालों के बाजूबंद
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1 ये जानते हुए भी कि महज वक्त की बर्बादी है खेल रहा है मेरा मन ख्याली पिट्ठुओं से उस पर सितम ये कि मौजूद हैं सब रोकने के माकू...
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सोमवार, 30 मार्च 2015
क्या औचित्य है ऐसे सम्मानों का ?
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अँधा बांटे रेवड़ी फिर फिर अपने ही को दे ये कहें आजकल के सम्मान कर्ताओं को या फिर ये कहें जो आएगा वो पायेगा यानि सम्मान का कोई औचित्य नहीं ह...
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मंगलवार, 24 मार्च 2015
मन की बात... भाग ३
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मन की बात प्रतिरोध नहीं है ये मेरा उसके प्रति न ही कोई व्यंग्य बस हो जाता है आम आदमी अचंभित और सोच के कबूतर कुलबुलाने लगते हैं ...
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सोमवार, 23 मार्च 2015
मन की बात ....भाग २
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प्रधानमंत्री जी मन की बात करने का हक़ सिर्फ आपको है जानते हैं न क्यों ..... उच्च पद स्वतः बन जाते हैं साक्षी मन की बात कहने के ...
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