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मंगलवार, 31 मई 2016
मेरी मोहब्बत की दीवानगी ...
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तेरे पुकारने और मेरे आने के बीच देख सदियाँ जाने कहाँ बह गयीं कोई पुल बचा ही नहीं जिस पर पाँव रख तुझ तक पहुँच पाती मेरी सदा ...
रविवार, 8 मई 2016
मदर्स डे ?
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कहने को आज मदर्स डे है और कोशिश करेंगे सब खुद को माँ का खैरख्वाह सिद्ध करने की लेकिन क्या हम यकीन से कह सकते हैं कि कहीं ऐसा नहीं हो रहा...
4 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016
सुरेन्द्र कुमार सिंह की नज़र में 'बदलती सोच के नए अर्थ '
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जिस तरह कहा जाता है इंसान का कहा शब्द कभी ख़त्म नहीं होता , ब्रह्माण्ड में घूमता रहता है शायद उसी तरह इंसान का लिखा भी . अभी १ अप्रैल क...
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