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शनिवार, 30 जुलाई 2016
हंगामा है क्यों बरपा
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जाने कितने सच इंसान अपने साथ ही ले जाता है . वो वक्त ही नहीं मिलता उसे या कहो हिम्मत ही नहीं होती उसकी सारे सच कहने की . यदि कह दे तो ...
2 टिप्पणियां:
रविवार, 24 जुलाई 2016
'इन्द्रप्रस्थ' ... मेरी नज़र से
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जाने माने कवि उपेन्द्र कुमार जी द्वारा मुझे बहुत ही सम्मान के साथ उनके द्वारा लिखा कविता संग्रह 'इन्द्रप्रस्थ' भेजा गया जो मेर...
बुधवार, 6 जुलाई 2016
तुमने कहा
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तुमने कहा गर्दन झुकाओ और ढांप लो अपना वजूद कि अक्स दिखाई न दे किसी भी आईने में मैंने हुक्मअदूली करना नहीं सीखा व...
3 टिप्पणियां:
मंगलवार, 21 जून 2016
राजपथ पर योगाभ्यास
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समुद्र सूख रहा है और तलहटी में बिलबिला रही हैं सुनहरी , हरी , नीली मछलियाँ कोई उद्यम नहीं करना अब जिंदा रहने को जरूर...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 10 जून 2016
नया ज्ञानोदय में प्रकाशित
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ज्ञानपीठ से निकलने वाली पत्रिका 'नया ज्ञानोदय ' के जून अंक में इस बार मेरी पांच कवितायें प्रकाशित हुई हैं जिनकी सूचना मुझे मित्रों...
शुक्रवार, 3 जून 2016
दुर्योधन व अन्य कवितायेँ ... मेरी नज़र से
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मीना अरोरा का कविता संग्रह 'दुर्योधन व अन्य कवितायेँ ' एपीएन पब्लिकेशन से प्रकाशित हुआ है . बेहद सरस , सहज और सरल भाषावली में ...
मंगलवार, 31 मई 2016
मेरी मोहब्बत की दीवानगी ...
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तेरे पुकारने और मेरे आने के बीच देख सदियाँ जाने कहाँ बह गयीं कोई पुल बचा ही नहीं जिस पर पाँव रख तुझ तक पहुँच पाती मेरी सदा ...
रविवार, 8 मई 2016
मदर्स डे ?
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कहने को आज मदर्स डे है और कोशिश करेंगे सब खुद को माँ का खैरख्वाह सिद्ध करने की लेकिन क्या हम यकीन से कह सकते हैं कि कहीं ऐसा नहीं हो रहा...
4 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016
सुरेन्द्र कुमार सिंह की नज़र में 'बदलती सोच के नए अर्थ '
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जिस तरह कहा जाता है इंसान का कहा शब्द कभी ख़त्म नहीं होता , ब्रह्माण्ड में घूमता रहता है शायद उसी तरह इंसान का लिखा भी . अभी १ अप्रैल क...
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