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शुक्रवार, 14 नवंबर 2008

मैं ख़ुद को ढूंढ रही हूँ
हर महफिल में ,हर वीराने में
हर नुक्कड़ पर,हर मोड़ पर
बस ख़ुद को ढूंढ रही हूँ

2 टिप्‍पणियां:

अपने विचारो से हमे अवगत कराये……………… …आपके विचार हमारे प्रेरणा स्त्रोत हैं ………………………शुक्रिया