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सोमवार, 2 जनवरी 2012

बता सकते हो………

आज भी
मोहब्बत को
दुल्हन बनाते हो क्या?
आज भी
चाहत की
माँग सज़ाते हो क्या ?
नेह के सिंदूरी रंग से
मेरी तस्वीर सजाते हो क्या?
नज़र ना लग जाये
इस डर से आज भी
नज़र का टीका
अपने अधरों से लगाते हो क्या?
ख्वाब काँच से
नाज़ुक होते हैं
और ख्वाब से भी
नाज़ुक हो तुम
इन अल्फ़ाज़ों को
आज भी दोहराते हो क्या?
गर दोहराते हो
तो सच सच बताना
जवाब जरूर देना
क्यों छोडा फिर
तुमने मुझे?
क्यों तन्हाई को मेरा
अक्स सौंपा
क्यों मेरे वज़ूद को
टुकडेटुकडे किया
बता सकते हो
वो सच था
या
ये सच है?

35 टिप्‍पणियां:

सदा ने कहा…

भावमय करते शब्‍दों का संगम ... ।

ASHOK BIRLA ने कहा…

ye to nahi bata sakte par ....bahut sundarta se pucha gaya prasna jab ...rachnakar ki kalam ki kalam rupi dor me gutha gaya to aur bhi sundar ho gaya ....so nice

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सच तो प्रेम ही जानता है ... या उनका दिल ...
आपको नव वर्ष की मंगल कामनाएं ....

यादें....ashok saluja . ने कहा…

एक नाज़ुक सवाल ....
क्या आज भी गुज़रे वक्त को याद कर के दोहराते हो क्या ....?
शुभकामनाएँ!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

kya aasaan hoga jawaab ?

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर भावमयी प्रस्तुति....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें...

Rajesh Kumari ने कहा…

abhilashaaon ki kaliyan khilaati prastuti.bahut sundar.

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

नव वर्ष की मंगल कामनाएं ....खूबसूरत कविता...

M VERMA ने कहा…

ख्वाब काँच से नाज़ुक होते हैं
और ख्वाब से भी नाज़ुक हो तुम
और फिर नाज़ुक की संभाल भी तो बहुत नाजुकता मांगती है ...
सुन्दर रचना

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

कठिन प्रश्न पूछ लिया ... खूबसूरती से लिखी भावप्रवण रचना ..

नव वर्ष की शुभकामनायें

Anita ने कहा…

सच तो यही है कि सब कुछ हर पल बदल रहा है...तो हर पल जो भी जैसा है वही सच है...सुंदर अभिव्यक्ति!

Mamta Bajpai ने कहा…

इस प्रश्न का उत्तर मिलना आसान नहीं है

shikha varshney ने कहा…

भावपूर्ण सुन्दर अभिव्यक्ति.

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत अच्छी भावमयी रचना .. नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
नव वर्ष की शुभकामनायें|

कुमार संतोष ने कहा…

सुंदर रचना !

आभार !
नए साल की हार्दिक बधाई आपको !

रजनीश तिवारी ने कहा…

भावपूर्ण और प्रभावशाली रचना । नववर्ष कि शुभकामनाएँ ।

Vishaal Charchchit ने कहा…

वाह वाह वंदना जी, काफी असरदार और सार्थक रचना के लिए बधाई...........

ये नव - वर्ष आप एवं आपके परिवार लिए
विशेष सुख - शांतिमय, हर्ष - आनंदमय,
सफलता - उन्नति - यश - कीर्तिमय और
विशेष स्नेह - प्रेम एवं सहयोगमय हो !!!!

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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

दस दिनों तक नेट से बाहर रहा! केवल साइबर कैफे में जाकर मेल चेक किये और एक-दो पुरानी रचनाओं को पोस्ट कर दिया। लेकिन आज से मैं पूरी तरह से अपने काम पर लौट आया हूँ!
नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

Atul Shrivastava ने कहा…

सुंदर भावभरी रचना।

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

VAH BAHUT HI SUNDAR RACHANA ... ABHAR VANDANA JI

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

bhaavon se paripoorn

happy new year 2012.

sushma 'आहुति' ने कहा…

कुछ सवाल-सवाल ही रहते है...जवाब देना न आसान होता है?.......

शेखचिल्ली का बाप ने कहा…

जो विचलित न कर दे वह स्त्री नहीं है
और जो विचलित हो जाए वह पुरूष नहीं है

लिखते जाओ और लिखते ही चले जाओ
नया वर्ष यही कहता है मुझसे और आपसे

इमरान अंसारी ने कहा…

सवालों से भरी सुन्दर पोस्ट|

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

बहुत सुन्दर भावोक्ति!...नूतन वर्ष मंगलमय हो...ढेरों शुभकामनाएं!

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

एक बुत ही सुन्दर कृति!...नव वर्ष की ढेरों शुभकामनाएं!

mahendra verma ने कहा…

सदा से अनुत्तरित प्रश्न।
नव वर्ष की शुभकामनाएं।

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

वाकई आपको पढना सुखद लगता है।
बहुत सुंदर

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" ने कहा…

sach hee kahnaa sunnaa jaantaa
to sadaa saath rahtaa
chhodtaa hee nahee

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

बढिया है. नववर्ष मंगलमय हो.

कुश्वंश ने कहा…

आपके उठाये सवालों का आसान जवाब किसी के पास नहीं और जिससे पूंछा है उसके पास तो बिलकुल भी नहीं.भावमय करते शब्द

Urmi ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को नये साल की ढेर सारी शुभकामनायें !
बहुत ख़ूबसूरत रचना !

अविनाश मिश्र ने कहा…

गर दोहराते हो
तो सच सच बताना
जवाब जरूर देना
क्यों छोडा फिर
तुमने मुझे?
क्यों तन्हाई को मेरा
अक्स सौंपा
क्यों मेरे वज़ूद को
टुकडे –टुकडे किया
बता सकते हो
वो सच था
या
ये सच है?
bahut hi sundar..... aankhe bhar aayi... behad umda

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

इन सवालों का जवाब ही होता तो क्या बात थी ?

प्रेम और सिर्फ प्रेम !