पेज

मेरी अनुमति के बिना मेरे ब्लोग से कोई भी पोस्ट कहीं ना लगाई जाये और ना ही मेरे नाम और चित्र का प्रयोग किया जाये

my free copyright

MyFreeCopyright.com Registered & Protected

रविवार, 11 मई 2014

मेरी माँ नहीं जानती क्या होता है मदर्स डे


मेरी माँ नहीं जानती क्या होता है मदर्स डे 
क्योंकि 
वो तो हर पल हर दिन है 
सिर्फ़ और सिर्फ़ 
अपने बच्चों की माँ 
क्या जाने नयी संस्कृति के नए चलन 
उसने तो जाना सिर्फ़ हर दिन हर पल 
अपने बच्चों के लिए जीना 
अपने बच्चों के मुख पर मुस्कान देखने को 
अपना सब कुछ कुर्बान करना 
अपने बच्चों के मुख पर दुख की स्याही देख 
खुद दुखी हो जाना 
वो क्या जाने क्या होता है मदर्स डे 
उसने तो जाना है सिर्फ़ इतना 
बच्चों से ही है जीवन उसका 
फिर कैसे उसे विश करूँ 
जो है जीती हर पल हर दिन मेरे लिए 
गर पूछ बैठी 
क्या सिर्फ़ आज के दिन ही हूँ मैं तेरी माँ 
तो क्या जवाब दूँगी 
इसलिये नहीं चाहती उसे और उसकी तपस्या और स्नेह को 
सिर्फ़ एक दिन में ही समेटना 
और चुप रह करती हूँ मन ही मन वन्दन अभिनन्दन उसका 
क्योंकि 
मेरी माँ नहीं जानती क्या होता है मदर्स डे 

9 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (12-05-2014) को ""पोस्टों के लिंक और टीका" (चर्चा मंच 1610) पर भी है।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

कालीपद प्रसाद ने कहा…

यही सच है } माँ का ३६५ दिन है ,एक दिन नहीं !बहुत सुन्दर !
बेटी बन गई बहू

Digamber Naswa ने कहा…

जिसने बस देना ही सीखा हो उसके लिए किसी एक दिन कुछ भी लेना ... चाहे दिवस ही क्यों न हो ... माँ के नाम तो हर दिन भी कम हैं ...

Yogi Saraswat ने कहा…

माँ को समर्पित बहुत सुन्दर शब्द गढे हैँ आपने आदरणीय वन्दना जी

Akhil ने कहा…

बहुत सुन्दर और सार्थक रचना है वंदना जी मेरे विचार से मदर्स डे या कोई भी अन्य दिवस, कम से कम रिश्तों के लिए तो नहीं मनाया जाना चाहिए. जिन रिश्तों को हम पल-पल क्षण-क्षण जीते हैं उनके लिए कोई दिवस निर्धारित करना उस रिश्ते की सीमा निर्धारित करने के सामान है।और माँ का ऋण चुकाने लिए तो दस जन्म भी कम हैं फिर एक दिन मातृ वंदना से क्या होग। आपकी रचना से पूरा इत्तफ़ाक़ रखता हूँ.. सफल और सार्थक लेखन के लिए बधाई.

और हाँ आपकी पुस्तक का प्रकाशन हुआ है आज ज्ञात हुअ। उसके लिए भी बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें।

Anita ने कहा…

वाह ! मातृ दिवस पर सुंदर रचना, बधाई !

वाणी गीत ने कहा…

सच है , हमारी माएं नहीं जानती मदर्स डे, वे हर दिन हमारे लिए हैं .
माँ को नमन !

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

सच ही है ......हर दिन माँ का है

Anurag Choudhary ने कहा…

जिनकी मा जीवित हैं उनके तो साल में 365 Mother's day होते हैं ।