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सोमवार, 26 दिसंबर 2016

जाते हुए साल को सलाम

अभी अभी प्राप्त सूचना के अनुसार मनोरमा इयर बुक 2017 में मेरा उपन्यास "अँधेरे का मध्य बिंदु" भी शामिल है जो APN Publication से प्रकाशित है . 2016 की शुरुआत उपन्यास के आगमन से हुई तो जाता हुआ साल मेरी झोली में ये छोटी सी ख़ुशी डाल गया ...खुश होने के लिए छोटी-छोटी वजहें भी काफी होती हैं .....अपने प्रकाशक निर्भय कुमार जी की हार्दिक आभारी हूँ . 





वहीँ  (25-12-2016) जनसत्ता के रविवारीय संस्करण में ‘साहित्य इस बरस’ के अन्तर्गत हिन्दी के सुपरिचित कथाकार एवं आलोचक महेश दर्पण जी ने जिन किताबों का उल्लेख किया, उनमें इस वर्ष मेरा उपन्यास "अँधेरे का मध्य बिंदु" भी शामिल है जो ए पी एन पब्लिकेशन से प्रकाशित है। Mahesh Darpan जी की हार्दिक आभारी हूँ जो उन्होंने उपन्यास को इतना मान दिया :)
चित्र : सुभाष नीरव जी के सौजन्य से उपलब्ध
बड़ा दिन सही में बड़ा हो गया :)

3 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (27-12-2016) को मांगे मिले न भीख, जरा चमचई परख ले-; चर्चामंच 2569 पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (27-12-2016) को मांगे मिले न भीख, जरा चमचई परख ले-; चर्चामंच 2569 पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Anita ने कहा…

बहुत बहुत बधाई वन्दना जी ! नये वर्ष के लिए शुभकामनायें !