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गुरुवार, 9 अप्रैल 2009

उसी का नाम दुनिया है

जो एक कली को फूल बना दे
और उसे ज़िन्दगी भर काँटों पर सुला दे
और चोट लगने पर आह भी करने न दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरे दुःख पर खुशियाँ मनाये
और सुख में बाधाएं डाले
उसी का नाम दुनिया है

जो तुझे बेईमानी,धोखेबाजी
चालबाजी,भ्रष्टाचार सिखा दे
तेरी मासूमियत को
इनके नीचे दबा दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरे होठों की हँसी को छीन ले
और आंखों में आंसू भर दे
उसी का नाम दुनिया है

जो जीतने का हर गुर सिखा दे
तुझे तेरे अपनों से जुदा करा दे
और गैरों को अपना बना दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरे अस्तित्व को मिटा दे
तेरे हर सच को झूठ बना दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरी खुशी को देख जल जाए
और गम में तेरे आंसू न बहाए
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरी मासूमियत को मिटा दे
तुझे इंसान से पत्थर बना दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरी हर चाहत को मिटटी में मिला दे
तेरे हर अरमान को कफ़न उढा दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तेरी हर साँस पर पहरे लगा दे
तेरी हर आह पर खुशी के दीप जलाये
उसी का नाम दुनिया है

जो अपने सुख के लिए
इंसान को भगवान बना दे
और अपने मतलब के लिए
भगवान को भी पत्थर बता दे
उसी का नाम दुनिया है

जो तुझे अपना बनाकर
ठोकरों पर इतनी ठोकरें मारे
कि तुझे भगवान से मिला दे
उसी का नाम दुनिया है

10 टिप्‍पणियां:

अनिल कान्त : ने कहा…

हाँ यही तो है दुनियां

सुशील कुमार छौक्कर ने कहा…

लिखा तो बहुत ही अच्छा है। और सच भी है। शुरु की चार लाईन बहुत ही अच्छी लगी। पर शायद मेरे सवाल का जवाब अभी भी नही मिला। मैंने तो ये कहा था "दुनियादारी हर काम के बीच में क्यों आ जाती है? कभी इस पर भी लिखना?" खैर इस बहाने एक अच्छी रचना पढने को मिल गई।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

वन्दना जी!
आपने नारि की मनोव्यथा का
सुन्दर चित्रण किया है।
इसी का नाम जिन्दगी है।
मगर इतना तो लिखना ही चाहूँगा
कि गुलाब काँटों की सेज पर ही खिलता है।
उसका असली बिछौना वही तो होता है।
सच्चा साथी भी वही है।
बधाई।

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना है।बधाई स्वीकारें।

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

वाह जी आज की दुनिया का सटीक विवरण दिया है आपने बहुत ही सुंदर चित्रण बधाई

MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर ने कहा…

वन्दना जी!
बहुत ही सुंदर चित्रणके लिए मै आपका अभिवादन करता हु

हे प्रभु यह तेरा-पथ का आभार और जयजिनेन्द्र!

विनय ने कहा…

बहुत सुन्दरता से समझा दिया आपने कि क्या दुनिया है!

नीरज गोस्वामी ने कहा…

दुनिया ओ दुनिया तेरा जवाब नहीं....ये गाना याद आ गया आप की कविता पढ़ कर...बहुत ही अच्छी रचना...बधाई
नीरज

रश्मि प्रभा ने कहा…

जो तेरे दुःख पर खुशियाँ मनाये
और सुख में बाधाएं डाले
उसी का नाम दुनिया है......laajawaab

Dev ने कहा…

Vandana ji,
" usi ka naam duniya hai" bahut achchhi lagi aapki kavta aur aapke blog ka jo title "Jakhm" hai mujhe achchha lagaa...

Regards