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बुधवार, 1 जुलाई 2009

उन्हें शिकायत है हमसे

उन्हें शिकायत है हमसे
ख़ुद ही ज़ख्म देते हैं
ज़ख्मों पर मरहम नही
नमक छिड़कते हैं
टीस उठने पर
आह भी करने नही देते
आँख में आंसू आने पर
टपकने भी नही देते
फिर भी
उन्हें शिकायत है हमसे

कभी बेवफाई का
इल्जाम लगाते हैं
मगर ख़ुद ही
वफ़ा की गली से
कभी गुजरे नही
रंग वफ़ा के
होते हैं क्या
उनमें भी जो न डूबे कभी
और फिर भी
उन्हें शिकायत है हमसे

अपना हाल-ए-दिल
बयां कर जाते हैं
किसी के दिल पर
क्या गुजरी
ये भी न जाना कभी
उसके दिल का हाल
जाने बिना
उसके दर्द को
और बढ़ा जाते हैं
फिर भी
उन्हें शिकायत है हमसे

सिर्फ़ अपने लिए
जीते हैं जो
अपनी ही चाहत को
जानते हैं जो
किसी की भावनाओं को
न समझें जो
चाहत जिसके लिए
खुदगर्जी का
इक व्यापार हो
पग-पग पर
आहत कर दे जो
होठों की हंसीं
को भी सीं दे जो
और उस पर
उफ़ भी न करने दे जो
अंतःकरण में भी
न सिसकने दे जो
मर - मरकर भी
जो न जीने दे
उस पर भी
इल्जाम हो ये
कि
उन्हें शिकायत है हमसे

8 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

अच्छी शिकायत है।
इसी का नाम दुनिया है।
जो जीने भी नही देती और मरने भी नही देती।
अच्छे लेखन के लिए बधाई।

सुशील कुमार छौक्कर ने कहा…

क्या कहूँ कुछ समझ नही आ रहा। कभी कभी ऐसा होता है कि पाठक कुछ कह नही पाता है। दिल से लिखे हुए शब्दों को पढकर। एक अच्छी रचना। शुरु की पक्तियाँ कुछ ज्यादा ही अच्छी लगी। जिसमें कुछ गहराई भी है। ऐसे ही लिखती रहिए आप।

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

vandana ,

very good work of words.. the emotion is well expressed in a balanced way by your words.. the choice of words are great.


kudos

vijay

Prem Farrukhabadi ने कहा…

dard e dil kaabile tareef.

satish kundan ने कहा…

jee vandana jee bahut had tak sachi hai aapki bhavna....saral shabdon se aapne gahre bhav samjha diyaen..badhai!!!!! maine ek nai post dali hai aapka swagat hai......

M VERMA ने कहा…

उन्हें शिकायत है हमसे
ख़ुद ही ज़ख्म देते हैं
=========
ज़ख्म छुपाकर रखो कुरेद देंगे
=========

सुन्दर रचना -- बहुत सुन्दर

Poonam Agrawal ने कहा…

Aapki ye rachanaa padker ek sher yaad aa gaya ....
Jubaan ne jane kya kaha per hondh see liye ....
dard bhare ashk aankon ne pee liye....
teri khushi ke vaste na jane kya kya saha .....
her mod jindagee ka hum khushi se jee liye.....

Aapki rachanaa kabile taarif hai....dard saaf dikhai deta hai .....dil se nikle shabd dil tak pahunchane ki takat hai aapmein.....

Shama ने कहा…

Lagaa, jaise, kaheen aapkee qalam se utare mere manke ehsaas hain..!

Ek aur link dena chaah rahee thee..aapke baareme padha,to man kar gaya..

http://grugsajja-thelightbyalonelypath.blogspot.com