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शुक्रवार, 6 मई 2011

मोस्ट वांटेड "अन्नाभाई किड्नैप्ड"

आज की ताज़ा खबर 
आज की ताज़ा खबर
ब्लॉगजगत का भाई
यानि "अन्नाभाई किड्नैप्ड"
उर्फ़ अपना "मुन्नाभाई" 
आज की ताज़ा खबर
ब्लॉग ब्लॉग पर शोर था
अन्नाभई का जोर था
ब्लोगरमीट कराता था 
पुरस्कार दिलवाता था
अपनी पुस्तकें छपवाता था
नाम खूब कमाता था
बेनामियों से देखा न गया
अन्नाभई किडनैप हो गया 
जब से ऐलान करवाया था
नयी किताब छपवायेंगे
कवी कवयित्रियों को 
पहचान दिलवाएंगे
ब्लोगवुड को चढ़ा बुखार था
मुफ्त का चन्दन
कौन न घिसना चाहता था
हर कोई अपना भाग्य
आजमाना चाहता था 
मगर न जाने कैसे
दुश्मनों को खबर
लग गयी थी
अन्नाभाई की किस्मत
पलट गयी थी
उनके हत्थे चढ़ गया था
बेनामियों मे फ़ंस गया था
वकील , पत्रकारों और ब्लोगरों 
का लगा जमावड़ा था
अननाभई के नाम का
हर कोई गा रहा गुणगान था
आनन् फानन कमेटी बिठाई गई
अन्नाभई की सीट
किसे दिलवाई जाये
तय करना जरूरी था
ब्लॉगजगत के हित के लिए
एक ब्लोगनेता का होना
भी जरूरी था
आखिर जिसकी टांग खिंची जा सके
वक्त पर मुर्गा बनाया जा सके
इस आचार संहिता के लिए
एक बकरा तो बलि चढ़ना था  
अजय झा का नाम भी मशहूर था 
अन्नाभई की सीट का
ये भी प्रबल दावेदार था
राजीव तनेजा भी व्यंगकार है
अन्नाभाई का साझीदार है
चलो सीट इसे दिलवाते हैं
सूली पर इसे ही चढाते हैं
जैसे ही घोषणापत्र प्रस्तुत हुआ
अन्नाभाई का पुनः आगमन हुआ
और सपना मेरा टूट गया
हाय ! सपना मेरा टूट गया  
     
    

30 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

अन्नाभाई किड्नैप्ड
जानकारी के लिए आभार
बहुत ही सुंदर रचना

संजय भास्कर ने कहा…

.....प्रशंसनीय रचना - बधाई

संजय भास्कर ने कहा…

इतनी बढ़िया कविता पड़ने को मिली.... गजब लिखा है

shikha varshney ने कहा…

उफ़ ....सुन्दर सपना टूट गया....
हा हा हा .जानकारी देने का शुक्रिया
बहुत मजेदार.

Rakesh Kumar ने कहा…

'हाय ! सपना मेरा टूट गया'
कहकर सब गुड़ गोबर कर दिया वंदनाजी
चलने देती सपने को ऐसे ही क्या जा रहा था.
अन्नाभाई की जगह अन्नाबहन आपको ही चुन
लिया जानेवाला था.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

:))))

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

:)

............
ब्लॉdग समीक्षा की 13वीं कड़ी।
भारत का गौरवशाली अंतरिक्ष कार्यक्रम!

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत बढ़िया..

nilesh mathur ने कहा…

ये अन्ना भाई कौन हैं?

रश्मि प्रभा... ने कहा…

मुफ्त का चन्दन कौन न घिसना चाहता था... hamesha se yahi hota aaya hai

अजय कुमार झा ने कहा…

हा हा हा ये तो होना ही था सर्किट के बगैर कैसे वापस मिल गए ...चलिए अच्छा है अब जादू की झप्पी मिलती रहेगी

PK Sharma ने कहा…

'हाय ! सपना मेरा टूट गया'
वंदनाजी
चलने देती सपने को ऐसे ही क्या जा रहा था.
अन्नाभाई की जगह अन्नाबहन आपको ही चुन
लिया जानेवाला था.

डॉ.सुभाष भदौरिया. ने कहा…

वंदनाजी ब्लाग जगत की सियासत से आप वाक़िफ़ हो ही गयीं.यहां चलने वाले खेलों पर ध्यान मत दें.

मैंने सोचा था कि आपके ब्लाग पर आवाजाही करने से मेरी तल्ख़ियां शायद कम होंगी. आपकी कविता की कोमलता अक्सर खींच लाती थी.

पर आज किडनेपिंग की ख़बर ने मायुस कर दिया.
ये आपकी प्रकृति नहीं पर कहीं कुछ जला ज़रूर है वो जिस्म हो या दिल इस पर रिसर्च हो सकती है.

मनोज कुमार ने कहा…

इतना ही कहूंगा ...
एक नए रूप में!

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बिलकुल अलग अंदाज़ वंदनाजी..... सपना था तो सुंदर .... :))))

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

सपने भी बड़े भयंकर टाईप के आते हैं .... टूट गया अच्छा हुआ ....अजय झा और राजीव जी बच गए ....सब नहीं झेल सकते ...मजेदार व्यंग

हल्ला बोल ने कहा…

ब्लॉग जगत में पहली बार एक ऐसा सामुदायिक ब्लॉग जो भारत के स्वाभिमान और हिन्दू स्वाभिमान को संकल्पित है, जो देशभक्त मुसलमानों का सम्मान करता है, पर बाबर और लादेन द्वारा रचित इस्लाम की हिंसा का खुलकर विरोध करता है. साथ ही धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कायरता दिखाने वाले हिन्दुओ का भी विरोध करता है.
इस ब्लॉग पर आने से हिंदुत्व का विरोध करने वाले कट्टर मुसलमान और धर्मनिरपेक्ष { कायर} हिन्दू भी परहेज करे.
समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे
.
जानिए क्या है धर्मनिरपेक्षता
हल्ला बोल के नियम व् शर्तें

Udan Tashtari ने कहा…

किडनैप हो गये....चलो, क्या किया जा सकता है?

इमरान अंसारी ने कहा…

बढ़िया पोस्ट......पर माफ़ कीजिये मैं इनमे से किसी नाम से भी परिचित नहीं हूँ (ब्लॉगजगत में)

रेखा श्रीवास्तव ने कहा…

अरे वाह क्या बात है? तुम्हारा व्यंग्य भी प्रेम के रंग में रंगा मिल गया. मुझे नहीं पता था की इतना अच्छा व्यंग्य भी दे सकती हो. हरफनमौला इसी को कहालाते हैं. बहुत सुंदर सपना देखा था लेकिन अफसोस टूट गया. चलो फिर दूसरा सजा लो.

राजीव तनेजा ने कहा…

धत्त तेरे की...मैं तो पेड़े भी खरीद लाया था इस खुशी में बांटने के लिए और आपकी ये कहानी हकीकत नहीं बल्कि सपना निकली..

POOJA... ने कहा…

hehhehehehe
hahhahahaaa
bahut sahi... bahut khoob...
"mera sundar sapna tooooot gaya..."
:)

ललित शर्मा ने कहा…

अन्ना भाई किडनेप हो गए,
जेलर के जासूसों को पता ही नहीं चला.:)

बढ़िया व्यंग्य किया है कविता के माध्यम से

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

स्वप्न संसार से वास्तविकता के धरातल तक...

उत्तम यात्रा वृतांत.

Markand Dave ने कहा…

व्यंग अच्छा है। बहुत बधाई।

मार्कण्ड दवे।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सपना मेरा टूट गया।

शारदा अरोरा ने कहा…

aap to blog peeti hain ...blog khati hain ...sapne me bhi blog ...padh kar aanand aaya ...

ZEAL ने कहा…

Interesting !

Patali-The-Village ने कहा…

व्यंग अच्छा है। बहुत बधाई।

mahendra verma ने कहा…

कविता में हास्य के छींटे भी हैं और व्यंग्य की फुहारें भी हैं।