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गुरुवार, 4 नवंबर 2010

मधुरिम पल

कुसुम कुसुम से 
कुसुमित सुमन से
तेरे मेरे मधुरिम पल से
अधरों की भाषा बोल रहे हैं
दिलों के बंधन खोल रहे हैं
लम्हों को अब हम जोड़ रहे हैं
भावों को अब हम तोल रहे हैं
नयन बाण से घायल होकर
दिलों की भाषा बोल रहे हैं
हृदयाकाश पर छा रहे हैं
मेघों से घुमड़ घुमड़ कर
तन मन को भिगो रहे हैं
पल पल सुमन से महक रहे हैं
मधुरम मधुरम ,कुसुमित कुसुमित
दिवास्वप्न से चहक रहे हैं
तेरे मेरे अगणित पल
तेरे मेरे अगणित पल


दोस्तो,
ये रचना आप लोगों ने नहीं पढ़ी होगी और जिन्होंने पढ़ी है उनमे से अब सिर्फ २-३ ही होंगे बाकी सब ब्लॉग जगत से जा चुके हैं इसलिए अब दोबारा लगाई है  ..........उम्मीद है पसंद आएगी

29 टिप्‍पणियां:

संजय भास्‍कर ने कहा…

bahut sundar rachna Vandan ji..

dhaywaad aapka
aapne dobara post ki yah rachna
.............vrna hum to padh hi nai pate

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत सुंदर भाव युक्त कविता
आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं ...

आशीष मिश्रा ने कहा…

बहोत ही अच्छी रचना
आप को सपरिवार दिपोत्सव की ढेरों शुभकामनाएँ
आप मेरी पहली लघु कहानी पढ़ने के लिये सरोवर पर सादर आमंत्रित हैं

आशीष मिश्रा ने कहा…

बहोत ही अच्छी रचना
आपको सपरिवार दिपोत्सव की ढेरों शुभकामनाएँ
मेरी पहली लघु कहानी पढ़ने के लिये आप सरोवर पर सादर आमंत्रित हैं

बेनामी ने कहा…

bahut hi khubsurat kavita hai vandana ji....
आपको और आपके परिवार को दिवाली की शुभकामनाएं.. मेरे ब्लॉग पर इस बार संगीता जी की रचना..
सुनहरी यादें :-३ ...

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

"तेरे मेरे मधुरिम पल से
अधरों की भाषा बोल रहे हैं
दिलों के बंधन खोल रहे हैं
लम्हों को अब हम जोड़ रहे हैं
भावों को अब हम तोल रहे हैं
नयन बाण से घायल होकर
दिलों की भाषा बोल रहे हैं"... प्रेम के सभी लक्षण आपने सहजता से व्यक्त कर रहे हैं जो हर पाठक स्वयं से जोड़ कर देकता है.. सुन्दर और भावपूर्ण कविता.. सुन्दर

राजेश उत्‍साही ने कहा…

यादगार पल।

nilesh mathur ने कहा…

बहुत सुन्दर!
आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामना!

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) ने कहा…

बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति!

आप को सपरिवार दिवाली की शुभ कामनाएं.

vijay kumar sappatti ने कहा…

mujhe bahut acchi lagi . hindi ka prayog soft effect paida kar raha hai ..padhkar hi man me soft emotions ka flow ho jata hai ..

keep it up ji.

एक बेहद साधारण पाठक ने कहा…

दीदी ,
बेहद सुन्दर अभिव्यक्ति है

एक बेहद साधारण पाठक ने कहा…

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आपको, आपके परिवार और सभी पाठकों को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं ....
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !
रचना सुन्दर है !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

जी हाँ!
जिन्होंने यह रचना पढ़ी है! उनमें मैं बचा हुआ हूँ ईश्वर की कृपा से!
रचना बहुत ही सुन्दर है! सच पूछा जाये तो रचना कभी पुरानी होती ही नही है!
आपने इसे बहुत ही पावन अवसर पर पुनर्प्रकाशित किया है!
--
प्रेम से करना "गजानन-लक्ष्मी" आराधना।
आज होनी चाहिए "माँ शारदे" की साधना।।

अपने मन में इक दिया नन्हा जलाना ज्ञान का।
उर से सारा तम हटाना, आज सब अज्ञान का।।

आप खुशियों से धरा को जगमगाएँ!
दीप-उत्सव पर बहुत शुभ-कामनाएँ!!

Saleem Khan ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

Saleem Khan ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

निर्मला कपिला ने कहा…

अच्छी रचना जितनी बार भी पढी जाये अच्छी लगती है सुन्दर प्रेममय रचना के लिये बधाई।आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

अनुपमा पाठक ने कहा…

sundar rachna!!!
deepotsav ki shubhkamnayen!

मनोज कुमार ने कहा…

इसे तो बार-बार पढा जा सकता है। बहुत अच्छी रचना।
चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

रमेश कुमार जैन उर्फ़ निर्भीक ने कहा…

श्रीमान महोदय / महोदया जी,
आप व आपके परिवार को दीपावली, गोबर्धन पूजा और भैया दूज की हार्दिक शुभकामनायें. शुभाकांक्षी-रमेश कुमार सिरफिरा. विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे (http://sirfiraa.blogspot.com, http://rksirfiraa.blogspot.com, http://mubarakbad.blogspot.com, http://aapkomubarakho.blogspot.com, http://aap-ki-shayari.blogspot.com, जल्द ही शुरू होगा http://sachchadost.blogspot.com) ब्लोगों का भी अवलोकन करें. हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें. हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं.

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

खूबसूरत भाव ....दीपावली की शुभकामनाएं

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मधुरिम पल महका जायेंगे,
जीवन के मुखरित अंगों को।

अजय कुमार ने कहा…

प्रदूषण मुक्त दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

Kunwar Kusumesh ने कहा…

दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें

Saleem Khan ने कहा…

DIPAWALI KI SHUBHKAMNAYEN !

नीरज गोस्वामी ने कहा…

अद्भुत रचना है..आपने सही कहा पहले नहीं पढ़ी थी...
दीपावली की शुभकामनाएं
नीरज

Dorothy ने कहा…

एक खूबसूरत और भाव प्रवण रचना. आभार.
सादर,
डोरोथी.

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति..शब्द चयन और भाव प्रस्तुति दोनों बेहतरीन...बधाई

rajesh singh kshatri ने कहा…

दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ...