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बुधवार, 11 अगस्त 2021

हरियाली तीज का कोरस

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5 टिप्‍पणियां:

Sweta sinha ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार १३ अगस्त २०२१ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।

Anupama Tripathi ने कहा…

बिरहा को सुंदर शब्द दिए | सुंदर रचना |

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

वाकई , कुछ आँगन तो सूखे ही रह जाएँगे ।
बहुत संवेदनशील क्षणिकाएँ ।

SANDEEP KUMAR SHARMA ने कहा…

और सूनी आँखों में ठहरा पतझड़
अब किस बुहारी से बुहारूं आँगन
सप्तपदी का अंतिम उतार है ये ...गहन सृजन।

Sudha Devrani ने कहा…

कुछ उदासियों के विकल्प नहीं होते
बहुत सटीक सुन्दर...
लाजवाब सृजन
वाह!!!